सोमवार, 7 फ़रवरी 2022

न्यू कविता युवा माँगे जवाब अब ? New kabita yuva mange rojgar //. 2022 ke new kabit

कविता के शिर्षक   

       ॥  युवा मागे जवाब अब  ॥

भर्ती निकालो तो इम्तहान नहीं ,

परीक्षा हो तो परिणाम नहीं,
परिणाम निकेल तो ज्वाइनिंग का नाम नहीं,
आखिर क्यो युवाओ का समान नहीं ?

          बस करो मजाक अब
          युवा माँगे हिसाब अब
           बात करो संवाद करो
         दो हमारे प्रश्न का जवाब अब

क्यो हर भर्ती पंचवर्षीय योजना है?
किस नये भारत की ये परियोजना है?
कैसी ये परिक्षा प्रणाली है ?
आप ने युवाओ की छीन ली जवानी है

       क्यो पेपर में गलत सवाल डालते ?
       फिर 100- 100 रु. का व्यापार करते
        रैंक लिस्ट का नही समाधान करते
       साहबः दो - चार हो तो बोलो....

      आरे आप तो जुल्म हजार करते

जागो सरकार जागो बस यही कहना हैं
हमारी समस्याओं पर ध्यान दो
एक वर्ष के भीतर पुरी प्रक्रिया हो
रहे नहीं बस नौकरीयां हो ।


         युवाओं से भी कुछ कहना है ,
         अब और नही सहना है
         बुलंद अपनी आवाज करो
         आज कुछ ऐसी हूंकार भरो
          आ जाए चाहे  सैलाब अब
       रुकना नही, झुकना नही ,
        अपने हको का करना है । हिसाब अब ॥

युवा माँगे रोजगार




 इस कविता का लिखने का मतलब मेरा किसी राजनीतिक दल या संगठन से संबंध नहीं है ।
यह कविता सिर्फ छात्रों के लिए प्रणेना है।
इस कविता मे कोई दंगा भा विद्रोह का भावना नही है।
अत: भारत सरकार के नम्र निवेदन है कि अब युवाओें का भी बात सुने तथा उनका समस्या का समाधान करे ।

और युवा को रोजगार का अवसर प्रदान करे।



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