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गुरुवार, 31 मार्च 2022
रविवार, 20 मार्च 2022
CARTOGRAPHY PROJECTION N ॥ मानचित्र प्रक्षेपण के महत्वपूर्ण परिभाषा एवं इसके अर्थ
Note-∅ का अर्थ थीटा है ।
मानचित्र प्रक्षेपण (CARPTOGRAPHY PROJECTION) :- पृथ्वी अथवा पृथ्वी के किसी बड़े भू - भाग का समतल सतह पर मानचित्र बनाने के लिए ज्यामितीय विधियों के द्वारा निर्मित अक्षांश - देशान्तर रेखाओं के जाल या भू - ग्रिड को मानचित्र प्रक्षेपण कहते है ।
या, पृथ्वी की गोलाकार सतह या उसके किसी भाग को एक चपटी सतह पर किसी स्केल के अनुसार समानान्तर एवं याम्योत्तर रेखाएं खींचकर निरूपित करने की प्रणाली मानचित्र प्रक्षेपण कहलाता है।
या , मानचित्रकला के अन्तर्गत ग्लोब की अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं को समतल धरातल या कागज पर स्थानान्तरित करने की विधि को भी मानचित्र प्रक्षेपण कहा जाता है ।
कार्टोग्राफिक प्रक्षेपण का महत्व (IMPORTANCE OF CARTOGRAPHIC):- मानचित्र प्रक्षेपण, समतल स्थान वाले दीर्घवृत्त भौगोलिक निर्देशांक को बदलने में सहायता करता है। मानचित्र के लिए भिन्न - भिन्न मानचित्र प्रक्षेपण विकसित किए जाते है। प्रत्येक मानचित्र प्रक्षेपण में स्थानिक गुण होते है लेकिन इसके साथ ही अन्य गुणों को त्याग भी दिया जाता है क्योंकि कुछ विरूपण ( Distortion) का सदैव दीर्घवृत्त की सतह से समतल की सतह तक स्थानांतरण होता है । इस प्रकार कोई भी मानचित्र श्रेष्ठ नहीं होता है।
मानचित्र प्रक्षेपण के महत्वपूर्ण पद (IMPORTANT TERMS FOR CARTOGRAPHY PROJECTION):-
1. अक्षांश रेखाएं (LATITUDE LINES)
2. देशांतर रेखाएं(LONGITUDE LINE)
3. याम्योत्तर रेखाएं(MERIDIAN LINES)
4. मानचित्र प्रक्षेपण का आधार(BASE OF CARTOGRAPH).
1.अक्षांश रेखाएं (LATITUDE LINES)
:- पृथ्वी पर भूमध्य रेखा के समानान्तर तथा सभी याम्योत्तर रेखाओं को समकोण पर काटने वाली रेखाओं को अ अक्षांश रेखाएं कहा जाता है । ये रेखाएं समानान्तर रेखाएं भी कहलाती है।
सभी समानान्तर रेखाओं को उसकी भूमध्य रेखा से उत्तरी व दक्षिणी कोणीय दूरी द्वारा पहचाना जाता है यह कोणीय दूरी भूमि - अक्षांश (∅) कहलाती है। भूमध्य रेखा के बिन्दुओं का अक्षांश शून्य होता है, क्योंकि भूमध्य रेखा अक्षांश रेखाओं के लिए संदर्भ रेखा(Reference line) होती है। यदि भूमि की सतह पर बिन्दु भूमध्य रेखा से उत्तर की तरफ लगाए जाए तो ये बिंदु 0⁰ से 90⁰N अक्षांश कहलाते है तथा यदि ये बिन्दु भूमि की सतह पर भूमध्य रेखा से दक्षिण की तरफ लगाएं जाए तो वे 0⁰ से 90⁰S अक्षांश कहलाते है |इस प्रकार 90⁰ N अक्षांश वाला बिंदु उत्तरी ध्रुव पर तथा 90⁰ S अक्षांश वाला बिंदु दक्षिणी ध्रुव पर होगा।
2 . देशान्तर रेखाएं :- देशांतर रेखाओं व याम्योतर रेखाओं के कोणीय मान (∅ ) होते है। पृथ्वी की सतह पर मुख्य याम्योत्तर से पूर्व के बिंदुओ की देशांतर रेखाएं 0⁰ से 180⁰ E होती है। इसी प्रकार मुख्य याम्योत्तर से पश्चिम की तरफ के बिन्दुओं की देशांतर रेखाएं 0⁰ से180⁰ W होती है।
3. याम्योत्तर रेखाएं :- उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जानेवाली रेखाओं को याम्योत्तर रेखाएं कहा जाता है। ( U K) के ग्रीनविच शहर से निकलने वाली याम्योत्तर रेखा मुख्य याम्योत्तर रेखा या संदर्भ रेखा याम्योत्तर रेखा कहलाती हैं ।
इस रेखा का कोणीय मान "शून्य " माना जाता है।
अन्य सभी याम्योत्तर रेखाओं का कोणीय मान 0⁰ से 180⁰ E तथा 0⁰ से 180⁰ w होता है।
4. मानचित्र प्रक्षेपण का आधार :- किसी गोलाकार वस्तु जैसे पृथ्वी की सतह को बिना किसी विकृति के समतल सतह में विकसित नहीं किया जा सकता है। इसलिए पृथ्वी के बड़े भू - भाग को मानचित्र पर दर्शाने के लिए मापों को किसी रूप में विकृत करना जरूरी है। इन विकृतियों को नियंत्रित करने के लिए पृथ्वी की सतह के बिन्दुओं को किसी समतल अथवा बेलनाकार या शंकु आकार पर प्रक्षेपित करने की आवश्यकता होती है ।
मानचित्र प्रक्षेपणों का वर्गीकरण ( CLASSIFICATION OF CARTOGRAPHY PROJECTION या C.P ) : - मानचित्र प्रक्षेपण कई प्रकार के होते है ः -
1. विकासनीय सतहो के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण (CARTOGRAPHY PROJECTION according to the Developable Method)
2. विचलन विधि के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण (CARTOGRAPHY PROJECTION according to the Deviation Method)
3. ग्लोबल विशेषताओं के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण (C.P according to the Global Properties)
4. दिगंश अथवा समतल के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण (C.P according to Azimuth or plane )
1. विकासनीय सतहो के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण :- विकासनीय सतहो के आधार पर किया गया प्रक्षेप विभाजन अधिक प्रमाणित माना जाता है। मानचित्र या नक्शे चपटे होने के कारण उनमे कुछ आसान प्रक्षेपण ज्यामितीय आकृतियों से बनाएं जाते है जिन्हे उनकी सतहो कों खींचे बिना ही चपट किया जा सकता है। इन्ही सतहों को विकासनीय सतह कहते है ।
इसके अन्तर्गत प्रक्षेपो के निम्न प्रकार है :-
( i ) . शंकु अथवा शांकव प्रक्षेपण (Conical Projection )
( ii ) . बेलनाकार प्रक्षेपण (Cylindrical Projection )
( iii ) . खमध्य प्रक्षेपण (Zenithal Projection)
(iv) . समतलीय या दिगंशी प्रक्षेपण (Azimuthal projection)
1. शंकु अथवा शांकव प्रक्षेपण :- ग्लोब को शंकु की सहायता से इस प्रकार ढका जाता है कि शंकु किसी एक अक्षांश पर ही ग्लोब को चारो ओर स्पर्श करता हो लेकिन ध्रुव तथा विषुवत रेखा पर शंकु का स्पर्श करना सम्भव नहीं होता ये विषम परिस्थितियां होती है।
2. बेलनाकार प्रक्षेपण :- इस प्रणाली में बेलन द्वारा ग्लोब को इस प्रकार ढक दिया जाता है कि बेलन ग्लोब को विषवत रेखा पर चारों तरफ स्पर्श करता है।
3. खमध्य प्रक्षेपण :- इस प्रकार के प्रक्षेपण में समतल धरातल पर ही प्रतिबिम्ब लिया जाता है यह धरातल ग्लोब को किसी एक बिंदु पर स्पर्श करता है तथा द्युतिमान बिंदु से इस पर प्रकाश डालकर अक्षांश व देशान्तर रेखाओं का जाल प्राप्त किया जाता है।
4. समतलीय या दिगंशी प्रक्षेपण :- इस प्रकार के प्रक्षेपो पर अंकित मानचित्रों की दिशाएं शुद्ध होती है। इसमें मानचित्र के केन्द्र बिन्दु से चारो ओर की दिशाएं ,पृथ्वी पर स्थित दिशाओं के समान ही होती है। यह केन्द्र बिंदु यदि कोई ध्रुव है तो देशान्तर रेखाएं शुद्ध दिशाएं दर्शाती है।
2. विचलन विधि के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण
(i) . परिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण (Perspective Projection) :-
( ii ) . अपरिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण (Non-Perspective Projection)
(iii). गणितीय प्रक्षेपण (Mathematical Projection)
( i ) . परिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण :- एक ग्लोब की समानान्तर व याम्योत्तर रेखाओं के प्रतिबिम्बो के जाल को किसी विकासनीय सतह पर प्रक्षेपित कर प्राप्त किया जाता है , तो उसे परिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण कहा जाता है।
( ii) . अपरिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण :- यदि ग्लोब पर समानान्तर व याम्योत्तर रेखाओं के प्रतिबिम्बों के जाल स्थापित करने या बनाने वाली रेखाओं को सीधा अथवा वक्र किया जाए तथा समतुल्य परिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण प्राप्त करने के लिए समानान्तर या अक्षांशो व याम्योत्तर रेखाओं के मध्य अन्तर घटाया या बढाया जाए तो इस प्रकार प्राप्त होने वाले प्रक्षेपणों को अपरिप्रेक्ष्य प्रक्षेपण कहा जाता है
(iii ) . गणितीय प्रक्षेपण :- इन्हे परम्परागत प्रक्षेपण (Conventional Projection) भी कहा जाता है। इन्हें गणितीय गणना अथवा सुत्रो भी सहायता से प्राप्त किया जा सकता है। इन प्रक्षेपणो का प्रक्षेपित प्रतिबिम्बों से बहुत कम सम्बन्ध होता है ।
3. ग्लोबल विशेषताओं के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण :- इसको निम्न प्रकार से वर्गीकृत किये जा सकते है। -
(i) सदृश्य प्रक्षेपण (Conformal Projection)
(ii ) सम क्षेत्रफल प्रक्षेपण ( Equal Area Projection)
( iii ) समान दूरी प्रक्षेपण ( Equidistant projection)
( iv) . दिगंश प्रक्षेपण ( Azimuth Projection)
(i). सदृश्य प्रक्षेपण :- सदृश्य प्रक्षेपणों में किन्ही दो छोटी रेखाओं के जोड़ों के बीच कोण बिल्कुल सही दर्शाए जाते हैं इसलिए क्षेत्रफल की आकृति सही प्रतित होती है। यह प्रक्रिया केवल छोटे क्षेत्रफलों के लिए उपयुक्त है क्योंकि बड़े क्षेत्रो में स्केल परिवर्तन के कारण विकृति , उत्पन्न हो जाती है ।
( ii ) . सम क्षेत्रफल प्रक्षेपण :- इस प्रकार के प्रक्षेपणों में क्षेत्रफल सही दर्शाए जाते है । सापेक्ष क्षेत्रफल समान ही रहते है । लेकिन उनकी आकृति या आकार समान नहीं रहते है । इन प्रक्षेपणों के रेखा जाल पर बने हुए अक्षांश - देशांतरीय चतुर्भुज का क्षेत्रफल , ग्लोब पर प्रदर्शित होने वाले संगति चतुभुर्ज के क्षेत्रफल से माप के अनुपात मे समान होता है, लेकिन इन प्रक्षेपणों के रेख जाल पर खींचे हुए मानचित्रों की आकृति विकृत हो जाती है |
(iii) . समान दूर प्रक्षेपण :- इस प्रकार के प्रक्षेपणों में किसी एक केन्द्रीय बिंदु से नक्शे के अन्य बिंदुओं के बीच की दूरियां सही दर्शाई जाती है। इनके द्वारा खींचे गऐ मानचित्रों की आकृति भी शुद्ध होती है। मानचित्र की आकृति को शुद्ध रखने के लिए अक्षांश व देशान्तर रेखाओं का परस्पर लम्बवत् होना आवश्यक है । किसी भी बिंदु पर मापक , समस्त दिशाओं में समान होता है लेकिन यह मापक एक बिन्दु से दूसरे बिन्द पर अलग हो जाता है।
(iv) . दिगंश प्रक्षेपण :- इस प्रकार के प्रक्षेपणों पर अंकित मानचित्रों की दिशाएं शुद्ध होती है तथा ये प्रक्षेपण नौ सेना के द्वारा काम में लाया जाता है।
विभिन्न प्रकार के प्रक्षेपणों की विशेषताएं (FEATURES OF VARIOUS TYPES OF PROJECTION)
1. क्षेत्रफल (Area) :- कई विभिन्न प्रक्षेप समान क्षेत्रफल वाले प्रक्षेप कहलाते है । ये प्रक्षेप इस प्रकार बनाए जाते है कि वे किसी आकृति का समान क्षेत्रफल दर्शाए । ये प्रक्षेप , किसी क्षेत्र - विशेष में अनाज उगाने के लिए कितने क्षेत्रफल का उपयोग किया गया है यह पता लगाने के लिए किया जाता है । ये समान क्षेत्रफल वाले नक्शे घुमावदार नक्शे कहलाते है।
2. आकार :- सही आकृति बताने वाले नक्शो के प्रक्षेप एक समय में पृथ्वी के बहुत कम क्षेत्र को प्रदर्शित करते है। पृथ्वी के लक्ष्यों की सही आकृति प्रदर्शित करने वाले नक्शो के प्रक्षेप अनुरुपक प्रक्षेप (Conformal Projection) कहलाते हैं।
3. दिशा (DIRECTION ) :- नक्शे प्रक्षेपण की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता ' दिशा ' होती है । ग्लोब के अलावा दो बिंदुओं के बीच न्यूनतम दूरी एक सरल रेखा होती है । यह सरल रेखा ग्लोब पर ग्लोब की वक्रता के कारण वक्राकार होती हैं। एक ऐसी वक्राकार रेखा जो एक बड़ा वृत्त होती है तथा पृथ्वी को दो बराबर भागों में विभाजित करती हैं, बडा . वृत कहलाती ( Great Circle )है ।
4. दूरी ( DISTANCE):- समान दूरी नक्शे अथवा पृथ्वी की सतह पर समान दूरी दर्शने वाले नक्शे , यात्रा करने वाले लोगो के लिए महत्वपूर्ण होते है |
मंगलवार, 8 मार्च 2022
समोच्च रेखा सर्वेक्षण //. Contour surveying pdf and all note or theory copy ready to exam. 2022 sessinal exam
समोच्च रेखा (Contour)किसे कहते है ?
:- समोच्च रेख एक ऐसी काल्पनिक रेखा है जो भूमि पर सम - ऊंचाई के बिन्दुओं को जोड़ती है। या , यह एक ऐसी रेखा है जिसमें एक समतल सतह जमीन की सतह को काटता है ।
जैसें :- किसी भी तालाब के किनारे पर पानी की रेख एक ही ऊँचाई की समतल रेख होती है।
समोच्च रेखान्तर किसे कहते है?
:- दो क्रमागत समोच्च रेखाओं के बीच ऊर्ध्वाधर दूरी को समोच्च रेखान्तर कहते है ।
नोट :- एक समोच्च नक्शे पर समोच्च रेखान्तर की एक समान रखा जाता है, अन्यथा वह नक्शा जमीन की आकृतियो का सही चित्रण नहीं करेगा ।
दो क्रमागत समोच्च रेखाओं पर स्थिर किन्ही दो बिंदु A व B के बीच की क्षैतिज दूरी क्षैतिज अन्तर कहलाता है। इस क्षैतिज अन्तर का मान उन दो बिन्दुओं ( A व B ) के बीच की जमीन के ढाल पर निर्भर करता है। यदि ढाल ज्यादा है तो यह अन्तर कम होगा, व यदि ढाल कम है तो यह अन्तर ज्यादा होगा ।
** समोच्च रेखान्तर (Contour Interval)का चयन निम्न पहलुओ पर निर्भर करता है।**
* भूमि का स्वरूप (Nature of the ground):- समोच्च रेखान्तर इस बात पर निर्भर करता है कि जमीन सपाट है या ऊबड़ - खाबड़ है । इस सपाट जमीन के लिए लिया गया रेखान्तर ऊबड़ - खाबड़ जमीन के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं रहेगा । सपाट जमीन के लिए समोच्च रेखान्तर बहुत छोटा लिया जाता है जबकी ऊबड़ - खाबड़ या असम जमीन के लिए बड़े रेखान्तर की जरूरत रहेगी अन्यथा समोच्च रेखाएँ एक - दूसरे के बहुत पास - पास आ जायेंगी ।
**नक्शे का पैमाना(Scale of the map) :- समोच्च रेखान्तर पैमाने के विलोमानुपाती होना चाहिए । यदि पैमाना छोटा है तो रेखान्तर बड़ा होना चाहिए , व यदि पैमाना बड़ा हो तो रेखन्तर छोटा होना चाहिए ।
** सर्वेक्षण था उद्देश्य व उसका विस्तार(Purpose and extent of the survey) :- समोच्च रेखान्तर खासकर सर्वेक्षण के उद्देश्य व उसके विस्तार पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, यदि सर्वेक्षण विस्तृत डिजाइन कार्य के लिए या मिट्टी के काम की परिशुद्ध गणना के लिए है तो छोटा रेखान्तर काम में लाना चाहिए । इसके लिए सर्वेक्षण का विस्तार भी छोटा भी होगा । किन्तु सड़क तथा रेल पथों के सर्वेक्षण के लिए या जलाशय व जल - निकास क्षेत्र आदि के सर्वेक्षण में समोच्च रेखान्तर बड़ा लिया जाता है।
** क्षेत्रकार्य के लिए निर्धारित समय व खर्च(Time and expense of field work) :- यदि सर्वेक्षण का निर्धारित समय कम हो तो समोच्च रेखान्तर बड़ा लेना चाहिए । यदि रेखान्तर छोटा हो तो क्षेत्र सर्वेक्षण व नक्शे के आलेखन मे ज्यादा समय लगेगा।
साधारण स्थालाकृतिक सर्वेक्षण में निम्न नियम अपनाया जा सकता है :-
समोच्च रेखान्तर = 25 ( मीटर ) / पैमाना ( cm / Km )
या,
समोच्च रेखान्तर = 50 (फुट) / पैमाना ( inch / mile )
समोच्च रेखाओं की विशिष्टताएं (Characteristics of contours) :-
समोच्च नक्शा (Contour map) बनाने समय समोच्च रेखाओं की निम्न विशिष्टताएं ध्यान में रखनी चाहिए ।
1. दो असमान ऊंचाई की समोच्च रेखाएँ आपस मे एक- दूसरे को नहीं काट सकती | यदि वे एक - दूसरे को कांटे तो प्रतिच्छदन बिंदु की दो ऊंचाइयां , जोकि असम्भव है । किन्त एक प्रलम्बी शैल (Overhanging cliff) या गुफा की ति में समोच्च रेखाएँ एक दूसरे को काट सकती है। ( चित्र 6.2 )
2. असमान ऊँचाइयो की समोच्च रेखाएं आपस में मिलकर एक समोच्च रेखा सिर्फ एक ऊर्ध्वाधर खड़ी शैल की स्थिति में ही बन सकती है, अन्यथा नहीं।
3. यदि समोच्च रेखाएँ एक - दूसरे के अधिक पास हो तो वे अधिक ढाल को प्रदर्शित करती है। यदि समोच्च रेखाएँ सीधी हो और बराबर की दूरी पर समानान्तर हों तो वे एक समतल पृष्ठ का द्योतक होती है। इस प्रकार चित्र में, A -A एक अधिक ढाल प्रदर्शित करता हैं , B-B एक कम ढ़ाल प्रदर्शित करता है , C-C एक सम ढाल प्रदर्शित करता है व D-D एक समतल पृष्ठ का द्योतक है। (चित्र 6.3 )
4. एक बिंदु से गुजरने वाली समोच्च रेखा उस बिंदु पर अधिकतर ढाल की दिश के अभिलम्ब होती है । यह विशिष्टता (2) की सहमति से है क्योंकि समोच्च रेखओ के बीच लम्ब - दूरी उनके बीच कम से कम दूरी के बराबर होती है।
5. एक संवृत समोच्च रेखा के घेरे के अन्दर यदि एक या अधिक समोच्च रेखाएँ हो जिनकी ऊंचाई अन्दर की ओर बढ़ रही हो तो वह एक पहाड़ी को प्रदर्शित करती है चित्र - - - - ( a ) । उसी तरह यदि ऊंचाई अन्दर की ओर कम हो रही हो तो वह तालाब , झील या गर्त का द्योतक होती है ( चित्र 6.4 )
6. दो समान ऊंचाई की समोच्च रेखाएँ आपस में मिलकर एक नहीं हो सकती । उसी तरह एक समोच्च रेखा दो समोच्च रेखाओं मे नहीं बंट सकती है क्योंकि ऐसा होने पर वे एक तीक्ष्णधार वाली पहाड़ी या गर्त की द्योतक होंगी जोकि प्रकृति में सम्भव नही है। हां , एक ही ऊंचाई की दो समोच्च रेखाएँ एक दूसरे के बहुत पास आ सकते है।
7. हर समोच्च रेखा संवृत होनी चाहिए अथवा स्वयं मे बन्द होनी चाहिए चाहे ऐसा नक्शे की सीमा के भीतर भले ही न हो ।
8. समोच्च रेखा एक जल विभाजक रेखा (Water shed line) या काठी रेखा(Ridge line) को समकोण पर पार करती है। ऐसा करते समय ये U - नुमा वक्र बनाती है जिनका अवतल पार्श्व(Concave side) ऊँची भूमि की ओर होता है । चित्र (6.5) ।
9. उसी तरह समोच्च रेखाएँ एक घाटी रेखा ( valley line ) को अभिलम्ब काटती है। ऐसा करते समय वे एक तीव्र v वक्र बनाती है जिनका उत्तल - पार्श्व ( convex side ) ऊंची भूमि की ओर होता है। चित्र ( 6. 6 )
10. हर समोच्च रेखा काठी ( या घाटी ) के दोनो ओर होती है , क्योंकि ऊँचे से ऊँचा क्षैतिज समतल भी , जोकि काठी को प्रतिच्छेदित करता है, उसे दोनों ओर काटता हैं ; उसी तरह सबसे नीचा क्षैतिज समतल भी घाटी को दोनो ओर काटता है ।
समोच्च रेखा सर्वेक्षण की विधियाँ(Methods of Contouring):-
एक स्थलाकृति सर्वेक्षण में किसी बिन्दु की स्थिति निर्धारित के लिए क्षैतिज नियंत्रण एवं ऊर्ध्वाधर नियंतण दोनो की आवश्यकता पड़ती है। एक समोच्च रेखा के सर्वेक्षण की विधि काम में लाये जाने वाले उपकरण पर निर्भर करती है। ये विधियाँ साधारणत: दो पद्धतियों में विभाजित की जा सकती है।
(a). सीधी पद्धति ( Direct Method)
(b). परोक्ष पद्धति ( Indirect method )
(a) . सीधी पद्धति(Direct Method) :- इस विधि में जिन समोच्च रेखाओं का सर्वेक्षण करना होता है उनका वास्तविक रूप मे जमीन पर अनुरेखण(Trace) किया जाता है। इस प्रकार इस विधि में उन्ही विशिष्ट बिन्दुओं के माप लिए जाते हैं। जिनका नक्शे पर आलेखन कर समोच्च रेखाएँ बनाई जाती है। अत: इस क्रियाविधि को कभी - कभी ' समोच्च रेखा अनुरेखण ' भी कहते है।
क्षेत्र कार्य को दो भागों में विभाजित किया जाता है ।
( i ) ऊर्धाधर नियत्रंण ( Vertical control) :- समोच्च रेखा पर बिन्दुओं को लगाना ।
(ii) . क्षैतिज नियत्रंण (Horizontal Control) :- इन बिन्दुओं का सर्वेक्षण कर उनकी क्षैतिज स्थिति निर्धारित करना।
( i) . ऊर्ध्वाधर नियत्रंण (Vertical Control):- समोच्च रेखा पर स्थित बिन्दुओं की खोज एक लेवल व गज की सहायता से या एफ हैंड लेवल की सहायता से की जाती है। लेवल को ऐसी जगह स्थापित किया जाता हैं जहां से ज्यादा क्षेत्र दिख सके | गज को तल चिह्न पर रखकर पश्चावलोकन लिया जाता है और इस प्रकार लेवल के अक्ष का समानीत तल ज्ञात किया जाता है।( चित्र -6.7)
(ii) . क्षैतिज नियत्रण(Horizontal Control) :- समोच्च रेखाओं पर बिन्दुओं को लगाने के पश्चात् उनका सर्वेक्षण किसी उचित क्षैतिज नियतंत्र प्रणाली से किया जाता है। यह नियत्रंण प्रणाली मुख्यतः क्षेत्र की रूपरेखा व उसके विस्तार पर निर्भर करती है। यदि क्षेत्र छोटा हो तो जरीब सर्वेक्षण द्वारा ही इन बिंदुओं की स्थिति निर्धारित की जा सकती है। यदि क्षेत्र बड़ा हो तो मालारेखा सर्वेक्षण द्वारा इन बिंदुओ की स्थिति नर्धारित की जा सकती है ।
( b). परोक्ष पद्धतियां (Indirect Method):- इस पद्धति मे सीधी रेखाओं की किसी प्रणाली पर कुछ निर्देश बिंदु (Interpolation)लिये जाते हैं। और फिर उनकी ऊंचाई ज्ञात की जाती है । इन बिंदुओं का आलेखन किया जाता है और फिर अन्तर्वेशन द्वारा समोच्च रेखाएँ जाती है । ये निर्देश बिंदु साधारणतः समोच्च रेखाओं पर स्थित नही होते। अन्तर्वेशन के समय यह मान लिया जाता है कि दो संलग्न निर्देश बिंदुओं के बीच ढाल एकसार(Uniform) है ।
निर्देश बिन्दुओं की स्थिति निर्धारण की कुछ विधियाँ नीचे दी जा रही है।
1. वर्गो द्वारा ( By squares ) :- यह विधि तब अपनाई जाती है जबकी क्षेत्र छोटा हो व जमीन ज्यादा ऊबड़ - खाबड़ न हो । सर्वेक्षण क्षेत्र को कई वर्गो में बाँटा जाता है। वर्ग का माप , जमीन की आकृति व समोच्च रेवान्तर के आधार पर 5m व 20 m के बीच रखा जाता है। एक लेवल व गज की सहायता से वर्गों के कोनो का समानीत तल ज्ञात किया जाता है और फिर आलेखन के समय अन्तर्वेशन द्वारा समोच्च रेखाओं को जाता है यह जरूरी नही है कि सभी वर्ग एक ही माप के रखे जाये । कभी कभी वर्गो की जगह आयत (Rectangle) लिये जाते हैं। इस विधि को कभी कभी स्थान तलेक्षण ( spot levelling ) भी कहते है। ( चित्र 6.8 )
2. अनुप्रस्थ तलेक्षण द्वारा ( By Cross - sectioning J :- यह विधि किसी सड़क रेल अथवा नहर के सर्वेक्षण में ज्यादा काम मे लाई जाती है। सड़क रेल अथवा नहर की मध्य रेखा ( Centre line ) के अभिलम्ब कई अनुप्रस्थ काट लिये जाते है और उन पर स्थित कई बिंदुओं की ऊंचाई लेवल व गज द्वारा ज्ञात की जाती है। रेखाओं के बीच की दूरी जमीन का स्वरूप, समोच्च रेखान्तर व सर्वेक्षण के उद्देश्य पर निर्भर करती है। असम जमीन पर या काठी अथवा घाटी में ये रेखाएँ पास पास लेनी चाहिए।
नक्शा बनाते समय समोच्च रेखाओं का अन्तर्वेशन यह मान कर किया जाता है कि किन्ही दो रेखाओं पर स्थित संलगन बिन्दुओं के बीच ढाल एकसार है चित्र(6.9) में गहरे बिंदु वे है जिनका सर्वेक्षण किया गया है।
3. टैकियोमीटर विधि द्वारा (By Tacheometric Method):- पहाडी व पर्वतीय इलाको में टैकियोमीटर विधि ज्यादा उपयोगी रहती हैं। टैकिलोमीटरी विधि को एक ऐसे स्टेशन पर स्थापित किया जाता है जहाँ से ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा सके। उपकरण स्टेशन से चुम्बकीय याम्योत्तर या अन्य किसी स्वेच्छ याम्योत्तर के सन्दर्भ में कई त्रैज्य रेखाएँ ली जाती है ; चित्र .... .. हर त्रैज्य रेखा (Radial line)पर रखकर टैक्योमीटरी प्रेक्षण लिये जाते है ।
क्षैतिज व ऊर्ध्वाधर दूरियाँ निम्न सुत्रो से ज्ञात कि जाती हैं,
D=kscos²∅+c.cos∅ नोटः-(∅= थीटा )
V=Dtan∅
जहाँ k = उपकरण के स्थिरांक
∅= दृष्ट रेखा का क्षैतिज के साथ नतिकोण ।
S र् गज पाठ्यांक अन्तर (Staff intercept)
त्रैज्य रेखाओं पर बिन्दु इस लिए जाते है कि किन्ही दो संलग्न बिन्दुओं के बीच ऊंचाई अन्तर समोच्च रेखान्तर से कम हो | यदि क्षेत्र बड़ा हो और चारों ओर पहाड़ियों आदि से घिरा हो तो एक टैकियोमीटरी मालारेखा द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है। मालारेखा के स्टेशन ऊंचाइ के बिन्दुओं पर किये जाते है जहाँ से ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा सके । हर मालारेखा स्टेशन पर कई त्रैज्य रेखाएँ ली जाती है। बाद में मालारेखा त्रैज्य रेखाएँ व बिंदुओं का आलेखन किया जाता है। और अन्तर्वेशन द्वारा समोच्च रेखाएँ बनाई जाती है।
( चित्र 6 .10 एव 6 .11 )
समोच्च रेखाओं का अन्तर्वेशन(Interpolation of Contours). :-
परोक्ष विधि से निर्देश बिन्दुओं के सर्वेक्षण के बाद उनका आलेखन किया जाता है और फिर अन्तर्वेशन द्वारा समोच्च रेखाएँ नक्शे पर बनाई जाती है । अन्तर्वेशन इस धारणा पर आधारित है कि किन्ही दो संलग्न बिंदुओं के बीच जमीन का ढाल एकसार है।
अन्तर्वेशन की निम्न मुख्य विधियाँ हैः-
i . अनुमान से अन्तर्वेशन
ii . गणितीय गणना से अन्तर्वेशन
iii . लेखाचित्रीय विधि से अन्तर्वेश
i . अनुमान से अन्तर्वेशन(Interpolation by Estimation):- इस विधि में सर्वेक्षण किये हुए निदेश बिन्दुओ के बीच समोच्च रेखा के बिंदुओं की स्थिति अनुमान से ज्ञात की जाती है। अत: यह विधि छोटे एवं साधारण कार्य मे ही उपयुक्त रहती है ।
ii . गणितीय गणना से अन्तर्वेशन (Interpolation by Arithmetic):- यह परिशुद्ध विधि है , किन्तु इसमें समय ज्यादा लगता है। निर्देश बिन्दुओं के बीच समोच्च बिन्दुओं की स्थिति गणितीय गणना से ज्ञात की जाती है। ( चित्र 6.12)
iii . लेखाचित्रीय विधि (Graphical Method ) :- लेखाचित्रीय विधि मे एक अनुरेखण कागज(Tracing paper) या अनुरेखण कपड़े की सहायता से अन्तर्वेशन किया जाता है। .
इसकी दो विधियाँ हैं। जो निम्नलिखित है : -
i . पहली विधि :-
ii . दूसरी विधि :-
समोच्च रेखाओं का रेखण ( Contour Drawing ) :- कई निर्देश बिन्दुओं के ताने - बाने के बीच समोच्च बिन्दुओं के अन्तर्वेशन के बाद , समोच्य रेखाओं को उनके तद्नुरूपी बिंदुओं से खींचा जा सकता है। इन रेखाओं का रेखण करते समय उनकी विशिष्टताएँ ध्यान में रखनी चाहिए । समोच्च रेखाओं को काली या भूरी ( Brown ) स्याही से बनाया जाता है। यदि समोच्च नक्शे पर सड़क, नहर या अन्य आकृतियाँ भी बनानी हो तो इनको काली स्याही से बनाना चाहिए । व समोच्च रेखाओं को भूरी स्याही में बनाना चाहिए। समोच्च रेखाओं पर ऊचाई का मान तरतीब से लिखना चाहिए ।
समोच्च ढाल या ढाल रेखा ( Contour Gradient or Grade line ) :- समोच्च ढाल एक ऐसी रेखा है, जो सम्पूर्णत: जमीन पर रहती है और जिसका क्षैतिज के साथ नतिकोण पूरी लम्बाई में एकसार रहता है। यदि ऐसी रेखा का ढाल दिया हुआ हो तो किसी बिंदु से इसकी दिशा नक्शे पर या जमीन पर आसानी से लगाई जा सकती है। जमीन पर समोच्च ढाल की लगाने के लिए एक क्लिनोमीटर , लेवल या थियोडोलाइट की आवश्यकता होती है ।
समोच्च नक्शे के उपयोग ( Uses of Contour Maps ) :- समोच्च नक्शे के कुछ मुख्य उपयोग नीचे दिये जा रहे है।
1. किसी भी दिशा में जमीन का काट बनाना (Drawing of section along and direction) :- समोच्च नक्शे पर किसी भी दिशा में जमीन का स्वरूप जानने के लिए उसका काट ब बनाया जा सकता है। उसी ताह किसी सड़क , रेल या नहर की दिशा में जमीन का अनुदैर्ध्य पार्श्व चित्र बनाया जा सकता है । जो इनके निर्माण में काम आता है। ( चित्र 6.15 )
2. दो बिन्दुओं के बीच अन्तरदृश्यता ज्ञात करना (To Determine the Intervisibility between two points ) :- त्रिकोणीय सर्वेक्षण मे स्टेशनों के बीच की दूरी बहुत ज्यादा होती है , अत: उनके चयन के पहले उनके बीच अन्तरदृश्यता ज्ञात करना अत्यन्त आवश्यक होता है । त्रिकोणीय स्टेशन के बीच अन्तरदृश्यता ज्ञात करने के लिए समोच्च नक्शा बहुत उपयोगी होता है। ( चित्र 6.16 मे दर्शाया गया है )
3. समोच्च ढाल को लगाना व मार्ग की स्थिति निर्धारित करना (Tracing of contour gradients and location of route) :- समोच्च नक्शा किसी सडक या रेल मार्ग, नहर या अन्य किसी संचार रेखा की स्थिति निर्धारण करने के लिए बहुत प्रयोग में लाया जाता है। ( चित्र 6.17 में प्रदर्शित किया गया है । )
4. वाह क्षेत्र को मापना (Measurement of Drainage area ) :- किसी नदी में किसी एक बिंदु पर वाह क्षेत्र वह तमाम क्षेत्र है जहाँ से पानी बहकर उस बिन्दु तक आता है । इस जल निकास क्षेत्र को बाकी क्षेत्र से बाँटने वाली रेखा को समोच्च नक्शे से ज्ञात की जा सकती है। क्षेत्र की सीमा बनाने वाली रेखा की निम्न विशेषताएँ होती है ( इसको चित्र 6.18 मे प्रदर्शित किया गया है। )
1 . यह रेखा उन सब काठियो (Redges or saddles ) से गुजरती है जो वाह क्षेत्र को दूसरे क्षेत्र से अलग करती है।
2. यह अक्सर काठियाँ के साथ - साथ चलती है ।
3. यह हमेशा समोच्च रेखाओं के अभिलम्ब रहती है। इस रेखा को जल विभाजक रेखा ( watershed line ) कहते है ।
5. जलाशय की धारिता ज्ञात करना (Determination of Reservoir Capacity ) : - समोच्च नक्शे की किसी जलाशय की धारिता की संगणना की जा सकती है।
गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022
जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न लाए है। जो आपके लिए 2022 के बोर्ड परिक्षा में आने की संभावना है//2023 board examination ke liye 10th ke biology ke important questions
प्रिय पाठकों हम आपके लिए जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न लाए है । जो आपके 2023 बोर्ड परिक्षा में आने की संभावना है। यह प्रश्न बिहार बोर्ड के द्वारा इन्टरनेट से लिया गया है । यह सब प्रश्न सही है और यह सभी मे से कुछ आने की संभावना ली है ।
नोट -यहां पर सिर्फ लघू एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न मिलेगा ।
मॉडल सेट - I
प्रश्न 1. द्विखंडन एवं बहुखंडन में क्या अंतर है ?
प्रश्न 2 . अनुरक्षक क्या है? ' अनुरक्षण के लिए कौन कौन सी क्रियाएँ आवश्यक है?
प्रश्न 3. जैवक आवर्धन क्या है? क्या पारितंत्र के विभिन्न स्तरो पर जैवक आवर्धन का प्रभाव भी भिन्न होता है ? क्यों ।
प्रश्न 4. पारिस्थितिक तंत्र में उत्पादकों के क्या कार्य है?
प्रश्न 5. गुणसूत्र का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए |
प्रश्न 6. गर्भ निरोधक युक्तियां अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं?
प्रश्न 7. मनुष्य के मस्तिष्क का सचित्र रेखांकन करें।
प्रश्न 8. ग्लूकोज के ऑक्सीकरण से विभिन्न जीवों में ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन मार्ग क्या है?
माॅडल सेट - ॥
प्रश्न 1. श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद होते है?
प्रश्न 2 . पादप हार्मोन क्या है? किन्ही चार पादप हॉर्मोन के माम लिखें।
प्रश्न 3. अमीबा के द्विखंडन प्रजनन को चित्र द्वारा दर्शाये ।
प्रश्न 4 .लिंग - क्रोमोसोम किसे कहते है?
प्रश्न 5. कचरा प्रबंधन कैसे किया जा सकता है?
प्रश्न 6. चिपको आंदोलन क्या है ?
प्रश्न 7. अनुरक्षण क्या है? अनुरक्षण के लिए कौन कौन सी क्रियाएं आवश्यक है?
प्रश्न 8. जीनप्ररूप या जीनोटाइप किसे कहते है?
मॉडल सेट - ॥।
प्रश्न 1. प्रकाशानुवर्तन क्या है?
प्रश्न 2. पोषण क्या है?
प्रश्न 3. गुणों का संचरण एक से दूसरी पीढ़ी में कैसे होता है?
प्रश्न 4. रक्त प्लेटलेट्स की रक्त जमने में क्या भूमिका है?
प्रश्न 5 . आनुवांशिक गुण से आप क्या समझते है?
प्रश्न 6. पारितंत्र में अपमार्जकों की क्या भूमिका होती है?
प्रश्न 7 . ओजोन परत के क्षय का कारण लिखें ।
प्रश्न 8. मानव मूत्र के अवयवों की प्रतिशत मात्रा क्या है?
मॉडल सेट- IV
प्रश्न 1. श्वसन और दहन में क्या अंतर है?
प्रश्न 2. प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री पौधे कहाँ सें प्राप्त करते हैं ?
प्रश्न 3. मस्तिष्क के महत्वपूर्ण कार्यो का वर्णन करें।
प्रश्न 4. प्रतिवर्ती क्रिया में मस्तिष्क की क्या भूमिका है ?
प्रश्न 5. परागण किसे कहते हैं? वर्षा होने पर परागण पर क्या प्रभाव पड़ेगा ।
प्रश्न 6. स्व - परागण तथा पर - परागण में मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
प्रश्न 7. विभिन्नता क्या है ?
प्रश्न 8.मेंडल के प्रयोगो द्वारा कैसे पता चला कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से प्रभावी अथवा अप्रभावी होते है?
प्रश्न 9.आहार श्रृंखला से आप क्या समझते है ?
प्रश्न 10 .क्या होगा यदि हम एक पोषी स्तर के सभी जीवों को समाप्त कर दे या मार डालें ?
प्रश्न 11. वन संरक्षक के लिए कुछ उपाय सुझाइए ।
प्रश्न 12.जैव आवर्धन से आप क्या समझते है?
प्रश्न 13. हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न(Long question)
प्रश्न 1.ओजोन परत की क्षति हमारे लिये चिंता का विषय क्यों है? इस क्षति की सीमित करने के लिये क्या कदम उठाये गये है?
प्रश्न 2.अलैंगिक और लैंगिक जनन में पांच अंतर लिखें।
प्रश्न 3.फैलोपियन नलिका की संरचना का वर्णन करें ।
प्रश्न 4.मानव नेफ्रॉन का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए ।
प्रश्न 5.वृक्क का नामांकित चित्र बनाकर वर्णन करें।
प्रश्न 6.प्रायोगिक विवरण द्वारा बताएं कि प्रकश संश्लेषण की क्रिया में ऑक्सीजन गैस मुक्त होती है।
प्रश्न 8.लाल रक्त कणिका एवं श्वेत रक्त कोशिका में अन्तर बताए।
प्रश्न 9.ऊत्तक - संवर्धन क्या है? यह कैसे सम्पन्न होती है?
रसायन शास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न लाए है। जो आपके लिए 2022 के बोर्ड परिक्षा में आने की संभावना है। / 2022 ka vvi question and paper's
प्रिय पाठकों हम आपके लिए रसायन शास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न लाए है। जो आपके लिए 2022 के बोर्ड परिक्षा में आने की संभावना है । यह प्रश्न बिहार बोर्ड द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है जो आपके नेट पर डालने एवं प्रकाशन से पूर्ण टकरा जाता है ।
यह सभी प्रश्न काफी महत्वपूर्ण है
यह प्रश्न लघु उत्तरीय (Short question)है ।
मॉडल सेट - I
प्रश्न 1. (A) .उन वियोजन अभिक्रियाओ के एक एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश और विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है
(B) . प्रतिस्थापन और द्वि - विस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अन्तर उदाहरण द्वारा स्पष्ट करें।
प्रश्न 2. उदासीनीकरण क्या है ? दो उदाहरण दे।
प्रश्न 3. प्लास्टर ऑफ पेरिस के निर्माण की विधि एवं उपयोग लिखें।
प्रश्न 4. धातुओं के पाँच रासायनिक गुणों को लिखें।
प्रश्न 5. साबुन किसे कहते है? साबुन के विरचन में होने वाली अभिक्रियाओं को लिखें।
प्रश्न 6 .परमाणु संख्या 12 वाले मैग्नीशियम तथा परमाणु संख्या 16 वाले सल्फर की संयोजकता क्या है?
प्रश्न 7 . तत्वों के वर्गीकरण में डॉबेराइनर के क्या आधार था ?
प्रश्न 8. कार्बन के दो अपरूपों मे हीरा कठोर और ग्रेफाइट मुलायम होता है, क्यों?
प्रश्न 9. समजातीय श्रेणी किसे कहते है?
मॉडल सेट - ॥
प्रश्न 1. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है ? उदाहरण दें।
प्रश्न 2. संयोजन अभिक्रिया एवं ऑक्सीकरण अभिक्रिया को परिभाषित करे ।
प्रश्न 3. PH क्या है ?
प्रश्न 4. संयोजी इलेक्ट्रान क्या है ? सोडियम परमाणु में स्थित संयोजी इलक्ट्रॉन की संख्या लिखें।
प्रश्न 5 . हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है?
प्रश्न 6. आवर्त सारणी के वर्ग 1 के तीन तत्वों के नाम और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखें। इनमें कितने संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं।
प्रश्न 7. अम्ल, क्षारक और लवण की परिभाषा दें। तथा एक - एक उदाहरण से इसकी पुष्टि करें।
प्रश्न 8. भाप के साथ आयरन, जल के साथ कैल्सियम तथा पोटैशियम के रासायनिक समीकरण लिखिए।
मॉडल सेट - ॥।
प्रश्न 1. क्या श्वसन एक उष्माक्षेपी अभिक्रिया है? इसे स्पष्ट कीजिए ।
प्रश्न 2 .ब्लीचिंग पाउडर बनाने की विधि एवं उपयोगिता लिखे।
प्रश्न 3. गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है परन्तु इस्पात का नहीं। इसका कारण बताइए ।
प्रश्न 4. एथेनॉल के दो रासायनिक गुणों को लिखें।
प्रश्न 5. एस्टर कैसे बनते है ,किसी एस्टर का नाम तथा गंध बताएँ।
प्रश्न 6. समूह में ऊपर से नीचे की ओर जाने पर इलेक्ट्रान ग्रहण करने की प्रवृति कैसे परिवर्तित होगी ?
प्रश्न 7 .अभिक्रिया की कौन कौन सी परिस्थितियां है? इन्हें कहां पर उपयोग किया जाता है ?
प्रश्न 8. एथीन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना को दर्शाएं ।
मॉडल सेंट - IV
प्रश्न 1. वन सम्पदाओं पर आधारित किन्ही दो उद्योगो का नाम बताएं ।
प्रश्न 2. निम्नलिखित के इलेक्ट्रोन - बिन्दु संरचना बनाएं
(i ) H 2 S (॥ ) F 2
प्रश्न 3. अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ? सोदाहारण समझाए ।
प्रश्न 3 एकल विस्थापन अभिक्रिया क्या है?
प्रश्न 4. चिप्स की थैली में कौन - सी गैस भरी होती है और क्यों ?
प्रश्न 5. विरंजक चूर्ण क्या है? इसका रासायनिक नाम, सूत्र एवं उपयोग लिखें।
प्रश्न 6. निस्तापन और जारण मे अंतर है ?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न(Long question)
प्रश्न 1. जस्ता के मुख्य अयस्क का नाम लिखे । जस्ता को उसके अयस्क से निष्कर्षण के सिद्वान्त का वर्णन करें ।
प्रश्न 2. हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया क्या है ? इस अभिक्रिया का एक व्यापारिक उपयोग बताएं ।
प्रश्न 3. डायक्लोरो मिथेन , एथेनॉल , इथेन, फॉर्मल्डिहाइड ,
प्रोपेन , ब्यूटीन, प्रोपीन, टालुइन , नेफ्थलीन , बेंजोइक अम्ल, एथेनाइक अम्ल , ब्रोमो पेन्टन , पाँच का संरचना सूत्र लिखें।
प्रश्न 4. जस्ता के अयस्क से जस्ता निष्कर्षण करने के सिद्धांत का उल्लेख करें।
प्रश्न 5 . एक क्रिया - कलाप द्वारा विस्थापन अभीक्रिया को दर्शारए ।
पाठको पढ़ने के लिए आप सभी को धन्यवाद ।
2022 Board matric examination board Patna द्वारा प्रकाशीत मॉडल पेपर भौतिकी शास्त्र (physics ) विषय का और परिक्षा मे आने की संभावना है ।
प्रिय पाठको हम आपके लिए महत्वपूर्ण बिहार बोर्ड 2022 परिक्षा के लिए दसवीं के भौतिकी शास्त (PHYSICS) विषय के महत्वपूर्ण प्रश्न को लाए है, जो कि नेट पर बिहार बोर्ड द्वारा डाला गया था । आप सभी के लिए हम बहुत मेहनत कर के इन प्रश्न को डालते है कृप्या आप लोग मुझे मददत करे
लघु उत्तरीय प्रश्न (short question)
MODEL SET-1
प्रश्न 1. किसी चालक का प्रतिरोध किन - किन बातो पर निर्भर करता ह ।
प्रश्न 2 . अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत क्या है ? कोई दो उदाहरण दें।
प्रश्न 3. उत्तल लेंस और अवतल लेंस में अन्तर स्पष्ट करें।
प्रश्न 4. सरल सूक्ष्मदर्शी क्या है ? इसका एक किरण आरेख खींचे ।
प्रश्न 5. विद्युत मोटर का क्या सिद्धान्त है?
प्रश्न 6. एमीटर और वोल्ट मीटर के उपयोग बताएँ
प्रश्न 7. आँख की समंजन क्षमता का क्या तात्पर्य है ?
प्रश्न 8. भूऊष्मीय ऊर्जा क्या है ?
मॉडल सेट - ॥
प्रश्न 9. अवतल , उत्तल एवं समतल दर्पण के दो - दो उपयोगों को लिखे।
प्रश्न 10. उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस क्यो कहा जाता है?
प्रश्न 11 . किसी चालक तार से बहने वाली विद्युत धाप की प्रबलता की परिभाषा दें।
प्रश्न 12. लघु पथन से आप क्या समझते हैं ?
प्रश्न 13. फ्लेमिंग के वाम हस्त नियम को लिखे तथा स्पष्ट चित्र द्वारा प्रदर्शन करें।
प्रश्न 14. भूतापीय ऊर्जा क्या है
प्रश्न 15. नई कार्तीय चिह्न परिपाटी के अनुसार गोलीय लेंस में आवर्धन किस प्रकार बदलता है?
प्रश्न 8. तारे टिमटिमाटे है, लेकिन ग्रह नहीं टिमटिमाते है क्यो ?
मॉडल सेट 3.
प्रश्न 1. गोलीय दर्पण द्वारा सूर्य के प्रकाश में किसी कागज के कतरन को कैसे जलाया जा सकता है?
प्रश्न 2 . दृष्टिदोष क्या है? यह कितने प्रकार का होता है?
प्रश्न 3 . विद्युत संचरण के लिए प्राय कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है?
प्रश्न 4. विद्युत बल्ब का नामांकित चित्र बनाइए ।
प्रश्न 5. अवतल दर्पण , उत्तल दर्पण और समतल दर्पण को धूकर एवं बिना छूये हुए कैसे पहचान करेंगें
प्रश्न 6. विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की परिघटना को समझावें ।
प्रश्न 7. ऊर्जा के उत्तम स्रोत किसे कहते है?
मॉडल सेट VI
प्रश्न 1. उत्तल लेंस से आभासी प्रतिबिम्ब का बनना किरण आरेख द्वारा दिखाएँ ।प्रश्न 2 . (A) . दूर - दृष्टि दोष वाला व्यक्ति आकाश में देखते समय चश्मा उतरना पसंद करता है। क्यों ?
(b) . टिंडल प्रभाव क्या है?
प्रश्न 3 . प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा में क्या अन्तर है?
प्रश्न 4. विद्युत विभव और विभवांतर में क्या अंतर है?
प्रश्न 5. प्रतिरोध क्या है? इसका SI मात्रक लिखें।
प्रश्न 6. ऐसे दो ऊर्जा स्रोतों के नाम लिखिए जिन्हें आप नवीकरणीय मानते है। अपने चयन के लिए तर्क दीजिए।
प्रश्न 7. रॉकेट ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का उपयोग किया जाता रहा है? क्या आप इसे CNG की तुलना में अधिक स्वच्छ ईंधन मानते हैं , क्यों अथवा क्यों नहीं ?
प्रश्न 8. किसी अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र और फोकस के बीच एक वस्तु को रखा गया है। किरण आरेख से प्रतिबिंब की स्थिती , आकार और प्रक्रति को दिखाएँ ।
प्रश्न 9. धारावाही चालक तार के ईद गिर्द चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। उसे दिखने के लिए ऑर्स्टेड के प्रयोग का वर्णन करें।
दीर्घ प्रश्न (long question)
प्रश्न 1. किसी अवतल लेंस में सिद्ध कीजिए कि 1/ V -1/U=1/F
जहां U = बिंब की दूरी , V= प्रतिबिंब की दूरी , f= फोकसांतर ।
अथवा ,
विद्युत धारा I का मान ज्ञात करें।
प्रश्न 2. डायनेमो क्या है? इसके क्रिया सिद्धांत और कार्य - विधि का सचित्र वर्णन करें।
अथवा,
उतल लेंस या अवतल लेंस में सिद्ध करें कि 1/ V -1/ U =1/ f
जहां U= बिंब की दूरी, V= प्रतिबिंब की दूरी , F = फोकसांतर
प्रश्न 3. अवतल दर्पण में R = 2f सिद्ध करें।
अथवा, श्रेणीक्रम में तीन - प्रतिरोधकों के समतुल्य प्रतिरोध के लिए एक व्यजंक प्राप्त करें।
प्रश्न 4. समझाएँ कि कैसे जल ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदला जा सकता है? जल ऊर्जा के दो लाभ भी लिखें।
शनिवार, 12 फ़रवरी 2022
दसवी कक्षा के आपदा प्रबंधन विषय से महत्वपूर्ण प्रश्न 2022 बोर्ड परीक्षाओं में आने की संभावन है ।10th board examination 2022 latest question in Hindi language aapda//
प्रिय पाठकों हम अब आपके लिए दसवी कक्षा के एक विषय आपदा प्रबंधन से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न को लेकर आए है । जो की 2022 बोर्ड परिक्षा में आने की संभावना है । यहां पर आपको सिर्फ लघु एवं दीर्घ प्रश्न दिया जा रहा है । इन प्रश्नों को ध्यान से पढ़ कर देख ले हो सके की यह प्रश्न आ जाए । यहां पर सिर्फ आने की संभावना है ।
नोट - यहां पर अथवा का मतलब दूसरे प्रश्न से है ।
1. प्राकृतिक आपदा : एक परिचय
प्रश्न 1. प्राकृतिक आपदा एवं मानवजनित आपदा में अंतर उदाहरण के साथ बताएं ।
अथवा,
भू स्खलन क्या है?
प्रश्न 2. बाढ़ कैसे आती है।
अथवा,
बिहार में बाढ की स्थिति का वर्णन करें।
प्रश्न 3. भूजल स्तर को गिरने से रोकने के लिए कौन- कौन से उपाय किए जाने की आवश्यकता है?
अथवा,
बाढ़ से होनेवाली हानियों की चर्चा करें।
प्रश्न 4. सुनामी के कारण एवं प्रभाव तथा सुनामी क्या होता है?
अथवा ,
भूकम्प के केन्द्र एवं अधिकेन्द्र के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए ।
प्रश्न 5. आग लगने की स्थिति में क्या प्रबंधन करना चाहिए।
अथवा, जीवन रक्षक आकस्मिक प्रबंधन से आप क्या समझते हैं ?
प्रश्न 6. सामान्य संचार व्यवस्था के बाधित होने के प्रमुख कारणो को लिखिए ।
अथवा, सुखाड़ क्या है ? हमारे दैनिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
दसवी कक्षा के भूगोल के महत्वपूर्ण प्रश्न 2022 बोर्ड परिक्षा के नजर में रखते हुए संभाविक प्रश्न//10th Bihar examination board Patna doara Ane wala question
प्रिय पाठको हम आपके लिए दसवी कक्षा के महत्वपूर्ण प्रश्न लेकर आए हैं। जो 2022 बोर्ड परीक्षा में आने की संभावना है। यह प्रश्न केवल लघु एवं दीर्घ प्रश्न होगा जो आपको अपने भाषा में उत्तर देना होगा। इसमें सभी प्रश्न मान देह है कोई प्रश्न गलत नही है।
नोट - यहाँ पर अथवा का मतलब दूसरा प्रश्न है । एवं या का मतलब वही प्रश्न का दूसरे तरह से पुछा गया है लेकिन उत्तर वही होगा।
1. भारत संसाधन एवं उपयोग
लघु - प्रश्न(short question)
प्रश्न 1. सागर सम्राट क्या है ?
अथवा, खनिजो के संरक्षण के उपाय सुझारये ?
प्रश्न 2. पेट्रोलियम का महत्व कोयले से अधिक क्यो है?
अथवा, कोयले के विभिन्न प्रकारों के नाम लिखिए I
प्रश्न 3. मैंगनीज के उपयोग पर प्रकाश डालिए ।
अथवा, भू-क्षरण के क्षेत्र लिखिए ' या हासोन्मुख वन संपदा के कारणों का उल्लेख करे |
प्रश्न 4. चिपको आंदोलन क्या है?
अथवा, जल संकट क्या है?
प्रश्न 5. खादर और बांगर मिट्टी में अंतर स्पष्ट करें,
अथवा , संसाधन किसे कहते है?
अथवा, वन विनाश के मुख्य कारणो को लिखे।
प्रश्न 6. हरित क्रांति से आप क्या समझते है?
अथवा, सौर ऊर्जा का उत्पादन कैसे होता है? भारत मे सौर ऊर्जा की क्या संभावनाएँ है?
प्रश्न 7. स्थानीय मिट्टी , बहित मिट्टी से किस प्रकार भिन्न है ।
अथवा, जल प्रदूषण को ' करने के उपायो का उल्लेख करें।
दीर्घ प्रश्न(long question)
प्रश्न 1. भारत में खनिज तेल के वितरण का वर्णन कीजिए ।
अथवा , खनिज के संरक्षण के उपाय सुझाइए । धात्विक एवं अधात्विक खनिजो मे क्या अंतर है ? तुलना किजिए ।
2 . कृषि
लघु प्रश्न (short question)
दीर्घ प्रश्न (long question)
3. निर्माण उद्योग
लघु प्रश्न( short question)
प्रश्न 1. लोहा - इस्पात उद्योग का आधारतभूत (बुनियादी)
उद्योग क्यो कहा जाता है? अथवा, मुम्बई को सूती वस्त्र की महानगरी क्यो कहा जाता है?
प्रश्न 2. उद्योग के स्थानीयकरण के तीन कारकों को लिखो ।
अथवा, निर्माण क्या है? अथवा, उद्योगों के स्थानीयकरण के तीन कारकों को लिखिए ।
दीर्घ प्रश्न(long question)
प्रश्न 1.लोह-इस्पात उद्योग कुछ विशेष क्षेत्रो में ही केन्द्रित है ।
कोई तीन कारण बताएं ।
अथवा, औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन करे
प्रशन 2. भारत मे सूती वस्त उद्योग के वितरण का वर्णन करें। अथवा, भारत के चीनी उद्योग का विस्तारपूर्वक वर्णन करे ।
4. परिवहन , संचार एवं व्यापार
लघु प्रश्न (short question)
प्रश्न 1. भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन एवं संचार साधनों की महत्ता को लिखिए ।
अथवा, बिहार की कोई दो जल विद्युत परियोजनाओं का नाम लिखी ।
प्रश्न 2 . कोंकण रेलमार्ग परियोजना का वर्णन करें।
अथवा, राष्ट्रीय राजमार्ग क्या है? ' राष्ट्रीय राजमार्ग सं . 1 एवं 2 का क्या नाम है और यह कहां से कहां तक जाता है?
दीर्घ प्रश्न(long question)
प्रश्न 1. भारतीय रेल परिवहन की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए । अथवा, भारत के प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्गों के बारे में लिखिए ।
प्रश्न 2. भारत में पाइपलाइन परिवहन का वर्णन कीजिए । अथवा, भारत के अंतराष्ट्रीय व्यापार की विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।
5. बिहार :कृष एवं वन संसाधन
लघु प्रश्न(short question)
1. बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों के नाम लिखिए तथा बताएं कि वह कहां स्थित है ? अथवा, मुंगेर में कौन कौन से उद्योग विकसित है? वर्णन कीजिए ।
प्रश्न 2. उत्तरी बिहार की अपेक्षा दक्षिण बिहार मे सड़कों का विकास अधिक हुआ है, क्यों ?
अथवा, बिहार में वन जीवों का संरक्षण महत्वपूर्ण है, क्यों?
प्रश्न 3 अभ्रक कहां मिलता है ?
अथवा, भारत में प्राप्त कोयला के कौन - कौन प्रकार है?
प्रश्न 4. भारत में चार राष्ट्रीय उद्यानों का नाम लिखिए ।अथवा,बिहार के किस भाग में सिंचाई की आवश्यकता है और क्यों ?
प्रश्न 5. इन सीटू प्रयास क्या है? अथवा , बिहार की जनसंख्या सभी जगह एक समान नहीं है, स्पष्ट करें। अथवा, वर्षो जल संग्रहण / वर्षा की खेती से आप क्या समझते है? इसके उद्देश्यों को लिखे । कृषि आधारित उद्योग और खनिज आधारित उद्योग में अन्तर स्पष्ट करें ।
दीर्घ प्रश्न(long question)
प्रश्न 1. नदी घाटी परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्यों को लिखे ।
अथवा, बिहार में कौन कौन सी फसलें लगाईं जाती है? किसी एक फसल के मुख्य उत्पादनों की व्याख्या कीजिए ।
प्रश्न 2. कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है; इस कथन की व्याख्या कीजिए |
अथवा , बिहार में प्रमुख ऊर्जा स्त्रोतों का वर्णन कीजिए और एक स्त्रोत का विस्तार से चर्चा कीजिए ।
6. मानचित्र अध्ययन
लघु प्रश्न(long question)
प्रश्न 1. सीढ़ीनुमा ढाल को प्रदर्शित करने वाली समोच्च रेखाओं को खींचें ।
अथवा, समोच्च रेखाओं द्वारा शंक्वाकार पहाड़ी का प्रदर्शन किस प्रकार किया जाता है?
प्रश्न 2 . हैश्यूर विधि का विकास किसने किया ।
अथवा, समोच्च रेखा से आप क्या समझते है इसकी दो विशेषताओं को लिखें।
दीर्घ प्रश्न(long question)
प्रश्न 1. उच्चावच प्रदर्शन की प्रमुख विधियों का वर्णन करें।
अथवा,
समोच्च रेखा क्या है? इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के ढ़ालो का प्रदर्शन किस प्रकार किया जाता है।
प्रिय पाठकों मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे द्वारा लिखित यह प्रश्न आपको पसंद आया होगा।
यह प्रश्न बोर्ड परिक्षा 2022 में आने की संभावना है।
अतः आपको प्रश्न अच्छा लगा हो तो एक comment
Or follow kar le और विषय के प्रश्न के लिए उत्तर चाहिए तो comment कर दीजिया गा
सोमवार, 7 फ़रवरी 2022
न्यू कविता युवा माँगे जवाब अब ? New kabita yuva mange rojgar //. 2022 ke new kabit
कविता के शिर्षक
॥ युवा मागे जवाब अब ॥
भर्ती निकालो तो इम्तहान नहीं ,
परीक्षा हो तो परिणाम नहीं,
परिणाम निकेल तो ज्वाइनिंग का नाम नहीं,
आखिर क्यो युवाओ का समान नहीं ?
बस करो मजाक अब
युवा माँगे हिसाब अब
बात करो संवाद करो
दो हमारे प्रश्न का जवाब अब
क्यो हर भर्ती पंचवर्षीय योजना है?
किस नये भारत की ये परियोजना है?
कैसी ये परिक्षा प्रणाली है ?
आप ने युवाओ की छीन ली जवानी है
क्यो पेपर में गलत सवाल डालते ?
फिर 100- 100 रु. का व्यापार करते
रैंक लिस्ट का नही समाधान करते
साहबः दो - चार हो तो बोलो....
आरे आप तो जुल्म हजार करते
जागो सरकार जागो बस यही कहना हैं
हमारी समस्याओं पर ध्यान दो
एक वर्ष के भीतर पुरी प्रक्रिया हो
रहे नहीं बस नौकरीयां हो ।
युवाओं से भी कुछ कहना है ,
अब और नही सहना है
बुलंद अपनी आवाज करो
आज कुछ ऐसी हूंकार भरो
आ जाए चाहे सैलाब अब
रुकना नही, झुकना नही ,
अपने हको का करना है । हिसाब अब ॥
इस कविता का लिखने का मतलब मेरा किसी राजनीतिक दल या संगठन से संबंध नहीं है ।
यह कविता सिर्फ छात्रों के लिए प्रणेना है।
इस कविता मे कोई दंगा भा विद्रोह का भावना नही है।
अत: भारत सरकार के नम्र निवेदन है कि अब युवाओें का भी बात सुने तथा उनका समस्या का समाधान करे ।
और युवा को रोजगार का अवसर प्रदान करे।
शनिवार, 5 फ़रवरी 2022
दसवी कक्षा के अर्थशास्त्र विषय के महत्वपूर्ण प्रश्न 2022 बोर्ड परीक्षा के नजर से आने की संभावना है
प्रिय पाठको हम आपके लिए दसवी कक्षा के अर्थशास्त्र विषय के महत्वपुर्ण प्रश्न लेकर आए है ? जो आपके 2022 बोर्ड परिक्षा में आने की संभावना है। यहाँ पर केवल आपको लघु प्रश्न एवं दिर्घ प्रश्न मिलेगा ।
नोट . - यहाँ पर अथवा, के बाद दूसरा प्रश्न है। तथा या का मतलब सेम प्रश्न है।
1. अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
प्रश्न 1. मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या है?
अथवा, आर्थिक निवोजन क्या है ? इसके मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रश्न 2. अर्थव्यवस्था के विभिन्न प्रकारो की विवेचना कीजिए ?
अथवा , पूंजीवादी अर्थव्यवस्था एवं सम्यवादि अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणो की विवेचना किजीए ।
प्रश्न 3 . अर्थव्यवस्था किसे कहते है ? इसके दो कार्य कौन -कौन से है?
अथवा ,भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप क्या है? विभाजन के पश्चात् बिहार कृषि प्रधान राज्य हो गया है?
प्रश्न 4. क विकास के विभिन्न क्षेत्रों की विवेचना कीजिए । सेवा क्षेत्र मे शिक्षा की क्या भुमिका है ?
अथवा , कम्प्यूटर आर्थिक कार्य मे मदद करता है । कैसे ?
अथवा , आधारिक संरचना पर प्रकाश डाले ?
प्रश्न 5 . आर्थिक विकास क्या है? आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि मे अंतर बताएँ !
अथवा, आर्थिक विकास के मुख्य क्षेत्रो का वर्णन करें।
2 . राज्य एवं राष्ट्र की आय
प्रश्न 1. अर्थव्यवस्था की संरचना के विभिन्न भागो की विवेचना कीजिए ।
अथवा , गरीबी ही गरीबी को जन्म देती है। कैसे ?
या, आय का गरीबी के साथ क्या संबंध है ?
प्रश्न 2 . आय से आप क्या समझते है?
अथवा,
आय एवं उपयोग मे क्या अंतर है? विवेचना कीजिए ।
अथवा,
प्रतिव्यक्ति आय क्या है?
प्रश्न 3. राष्ट्रीय आय की परिभाषा दे। इसकी गणना की प्रमुख विधि कौन कौन सी है?
अथवा,
प्रतिव्यक्ति आय तथा राष्ट्रीय आय मे अंतर स्पष्ट करे।
प्रश्न 4. विकास मे प्रति व्यक्ति आय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखे ।
अथवा ,
प्रतिव्यक्ति आय क्या है?
3. मुद्रा , बचत एवं साख
प्रश्न 1. साख क्या है? इनके किन्ही तीन प्रमुख आधारो की विवेचना कीजिए ।
अथवा,
मुद्रा क्या है? भारत मे इसे कौन जारी करता है।
प्रश्न 2. ए० टी० एम० क्या है ?
अथवा , क्रेडिट कार्ड क्या है?
अथवा, साख मुद्रा क्या है? /अथवा, वस्तु विनियम क्या है?
प्रश्न 3. मुद्रा क्या है? किन्ही पाँच लाभो की व्याख्या कीजिए ।
अथवा, मुद्रा के कार्यो पर प्रकाश डाले, या मुद्रा के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाले ।
प्रश्न 4. वस्तु विनिमय प्रणाली की कठिनाईयो का वर्णन करे।
4. हमारी वित्तीय संस्थाएं
प्रश्न 1. राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ क्या है?, संगृहित बैकिंग प्रणाली के विभिन्न प्रकारो की विवेचना कीजिए ।
अथवा,
व्यावसायिक बैंक कितने प्रकार की जमा राशि की स्वीकारते है? संक्षिप्त विवरण दे।
प्रश्न 2. भारत मे सहकारिता आंदोलन की शुरुआत किस प्रकार हुई ? सक्षिप्त विवरण दे ।
अथवा,
इन सभी का पूर्ण रूप को लिखे ।
जी० डी० पी० ( G.D.P.), एस० एम० ओ० ( S.M.O. ) ,
नाबार्ड , एस० एच० जी० ( S.H.G.)
प्रश्न 3. व्यावसायिक बैंक क्या है ? , इसके प्रमुख कार्यो का वर्णन करें।
अथवा,
सहकारिता की परिभाषा लिखें।
प्रश्न 4. सहकारिता के मूल तत्व क्या है? बिहार राज्य के विकास मे इसकी भूमिका का वर्णन करे।
अथवा ,
राज्य स्तरीय संस्थागत वित्तीय स्तोत्र के कार्यो का वर्णन करें।
प्रश्न 5. भारत मे संस्थागत वित्तीय स्त्रोत कौन कौन है?
5 रोजगार एवं सेवाएँ
प्रश्न 1. वर्तमान आर्थिक मंदी का प्रभाव भारत के सेवा क्षेत्र पर क्या पड़ा ?
अथवा,
बिहार मे कार्यरत विभिन्न गैर संस्थागत वित्तीय संस्थाओ की विवेचना कीजिए । अथवा, " गैर सरकारी सेवा किसे कहते हैं? "
प्रश्न 2 . रोजगार और सेवा मे क्या संबन्ध है
अथवा,
बाह्य स्तोतीकरण किसे कहते है?
प्रश्न 3. सेवा क्षेत्र मे शिक्षा की भूमिका स्पष्ट करें।
अथवा,
वर्तमान मंदी के कुप्रभावो का चित्रण करे? इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ा ?
6. वैश्वीकरण
प्रश्न 1. वैश्वीकरण से आप क्या समझते है ? इसके के प्रमुख अंग कितने है?
अथवा ,
बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते है?
प्रश्न 2. उदारीकरण को परिभाषित करें।
अथवा,
वैश्विक गाँव क्या है?
प्रश्न 3. निजीकरण से आप क्या समझते है ?
अथवा,
वैश्वीकरण के बिहार पर पड़े प्रभावों को बताएँ
प्रश्न 4. वैश्वीकरण का आम आदमी पर पड़े प्रभावों की चर्चा करें, भारत में वैश्वीकरण का वर्णन करें।
7 . उपभोक्ता जागरण एव संरक्षण
प्रश्न 1. सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है ? इसकी असफलता के कारणों की विवेचना कीजिए ।
अथवा,
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग क्या है? इसकी आवश्यकता भी विवेचना कीजिए ?
प्रश्न 2. भारत का उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम किन बिन्दुओ पर बल देता है?
अथवा,
उपभोक्ता शोषण के किन्ही चार कारणों को विवेचना कीजिए ।
प्रश्न 3. अपभोक्ता क्या जानने का अधिकार रखता है?
अथवा,
उपभोक्ता कौन है ? संक्षेप मे बताएँ ।
प्रश्न 4 . उपभोक्ता जागरण हेतु विभिन्न नारो को लिखे ॥
अथवा,
उपभोक्ता के अधिकार से आप क्या समझते है
अथवा ,
उपभोक्ता शोषण के दो मुख्य तरीके बताएँ ।
प्रश्न 5. उपभोक्ता कौन है? उपभोक्ता के कौन -कौन से अधिकार है? प्रत्येक अधिकार को सोदाहरण लिखे।
अथवा,
मानवाधिकार आयोग के महत्व लिखे ।
प्रश्न 6. उपयोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 ई॰ की मुख्य विशेषताओं को लिखे ।
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